
सीएम धामी ने मसूरी गोलीकांड के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आंदोलनकारियों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मसूरी गोलीकांड में छह आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री ने शहीद आंदोलनकारियों के साथ ही डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को भी नमन किया।
मसूरी गोलीकांड के प्रत्यक्षदर्शी और आंदोलनकारी आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाते हैं। उनका कहना है कि उस समय आंदोलन केवल अलग राज्य की मांग तक सीमित नहीं था। इसके पीछे पहाड़ के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान के साथ जीने का अवसर देने तथा पलायन रोकने की उम्मीद थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से चली आ रही भू-कानून की मांग को सरकार ने लागू किया है। राज्य में सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई भी युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर न हो। इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही राज्य के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।



