
वर्दी खरीद घोटाले में संलिप्त निदेशक होमगार्ड ( डिप्टी कमांडेंट) को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों से मिलकर बाजार भाव से तीगुने दाम पर होमगार्ड विभाग के लिए वर्दी खरीदी। सीएम के आदेश पर शासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
विभाग में हर वर्ष होमगार्ड्स के लिए वर्दी, जूते, बेल्ट, कैप, बैज और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद होती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस मद में करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। प्रारंभिक जांच में इस खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। कई योग्य फर्मों को बाहर कर चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। इसके अलावा, बाजार दर से अधिक कीमतों पर सामग्री खरीदने, कम गुणवत्ता वाले सामान को उच्च गुणवत्ता बताकर बिल पास कराने और एक ही फर्म को बार-बार टेंडर देने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार, खरीदी गई वर्दी सामग्री के स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाया गया है। कुछ मामलों में सामग्री कागजों में खरीदी हुई दिखाई गई, लेकिन विभाग तक उसके पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी। भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।


